दुर्घटनाएँ किसी के भी साथ, कभी भी और किसी भी समय हो सकती हैं| ये आज तक कोई भी नही जनता है की ऐसा क्यों किसी के साथ इतने बड़ी दुर्घटनाएँ होती हैं| आज हम आपको बताएँगे की किस प्रकार आप अपने दुर्घटना के समय के बारे मे जान सकतें हैं| और इनसे किस प्रकार आप बच सकते हैं|
मध्यप्रदेश के उज्जैन मे सिंहस्थ को शुरू होने मे अब कुछ दिन ही बाकी हैं जो 22 अप्रैल से 21 मई 2016 तक चलेगा| इसलिए साधु-संत, ऋषि, नागा साधु व अघोरी का आना शुरू हो चुका है| जब भी हम अघोरी लोग, नागा साधु इन सबकी बातें सुनते हैं तो उनके बारे मे सारी बातें जानने के लिए हम बहुत लालायित रहते हैं| तो चलिए आज हम आपको अघोरी लोगों की कुछ बातें बताएँगे जो हम मे से कुछ लोग जानते होंगे|
आज हम आपको बताएँगे की अपने पूजा घर को किस प्रकार से अच्छा बना सकें जिस कारण कोई भी देवी-देवता आपसे नाराज़ ना हो| ऐसे बहुत से छोटे-छोटे काम हम करते हैं जिनसे देवी-देवता हम नाराज़ हो सकते हैं| पूजा करने से ही देवी-देवता हमारे सारी मनोकामनाएँ पूर्ण करते हैं| वैसे तो हम मंदिर बहुत कम जातें हैं और अगर हम अपने घर के मंदिर को अच्छे से ना रखें तो तो भगवान रुष्ठ तो होंगे ही ना| Continue reading →
आज हम आपको हाथ से खाने के संबंध के बारे मे बताएँगे| हमारे संस्कृति मे हाथ से खाना खाना एक परंपरा हैं | हाथ से खाना खाने के बहुत से कारण हैं| लेकिन पाश्चात्य संस्कृति को देखते हुए हमारे भारत के लोग भी छुरी, चम्मच, काटें वालें वस्तुओं का प्रयोग करने लगें है क्योंकि पाश्चात्य संस्कृति के अनुसार अगर हाथ से खाना खाना हाइजिनिक नही माना जाता है| लेकिन उन लोगों को नही पता हैं की हाथ से खाना खाने से कितने लाभ हैं| Continue reading →
आज हम रावण संहिता के बारे मे जानेंगे| रावण वैसे तो दुनिया का सबसे शक्तिशाली और राजा था| वो भगवान शिव का महानतम भक्त था| लेकिन हम सब लंकापति रावण को सबसे नकारात्मक किरदार के स्वरूप मे जानते हैं| इसलिए क्योंकि उसने माँ सीता का अपहरण किया था और जो उसके जीवन की सबसे बड़ी भूल साबित हुई| लेकिन वो एक महान ज्योतिष् शास्त्री और महान पंडित था| Continue reading →
सिंहस्थ 2016, उज्जैन मे अब कुछ दिन ही शेष है| सारी तैयारियाँ हो चुकी है और सब कुछ सज चुका है| उज्जैन बाहें खोले खड़ा है सभी का स्वागत करने के लिए| साधुओं के कुटीर भी लग चुके हैं| जब भी कुंभ होता है तब हमेशा से वहाँ आने वाले साधु सभी लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनते हैं| यहाँ तक की शैव अखाड़ा वालें नागा साधु भी अपने सिंगार स्वरूप के लिए लोगों के बीच आकर्षित होते हैं| जिस प्रकार सभी स्त्रियों के लिए सिंगार आवश्यक हैं ठीक उसी प्रकार नागा साधु के लिए उनका सिंगार बहुत ज़रूरत हैं| लेकिन इनका सिंगार कुछ अलग होता हैं| चलिए आज हम आपको बताएँगे की किस चीज़ों से नागा साधु अपना सिंगार करते हैं:- Continue reading →
सिंहस्थ नज़दीक हैं सारे साधु-संत, ऋषि-महर्षि, नागा बाबा और भक्त गण लोगों का आना शुरू हो चुका हैं| और महाकाल की नगरी उज्जैन अपने बाहें फेलाए खड़ा हैं इन सभी लोगों का स्वागत करने ले लिए तो चलिए आज हम आपको बताते हैं सिंहस्थ मे आने वालें संत श्रीमहंत राम गिरिजी महाराज के बारे मे |
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आज हम आपको तिरुपति बालाजी से संबंधित कुछ बातें बताएँगे जिस सबसे आज तक आप अन्भिग्य थे| आज उनसे जुड़ी १० चीज़ों के बारे मे आप जान कर आश्चर्य हो जाएँगे| तिरुपति बालाजी का मंदिर आंद्र-प्रदेश के तिरुमाला पहाड़ों मे है| इस मंदिर मे बहुत बड़े और अमीर लोग आते हैं और दान भी करते हैं, इस कारण से आज ये मंदिर अमीर मंदिर मे गिना जाता हैं| इस मंदिर से बहुत सारी मान्यताएँ जुड़ी हैं जो आप माने या ना माने लेकिन वहाँ के भक्त इन्हें बहुत मानते हैं| तो चलये आज हम आपको इस रहस्य से संबंधित बातें बताते हैं:-
आज हम आपको बताएँगे की हमे क्यों और किस प्रकार से पूर्व जन्मों के फल प्राप्त होते हैं| हम पूर्व जन्म मे क्या किया और उसके क्या परिणाम हमे इस जन्म मे मिलेंगे| ये सारी चीज़ें हम आज आपको बताएँगे|
किसी भी जीव हो या मनुष्य सभी को अपने पुराने कर्म और पाप-पुण्य को परिणाम भुगतना पड़ता है| मनुष्य की जब मृत्यु होने वाली होती है तब उस समय जो कुंडली बनती हैं, उसे पुण्य-चक्र कहतें हैं| ये इस लिए बनाई जाती हैं क्योंकि इससे मनुष्य के अगले जन्म की जानकारी पता चलती हैं की उसका जन्म कब और कहाँ होगा|
आज हम आपको आपकी मृत्यु से संबंधित कुछ बातें बताएँगे की किस प्रकार आप जाने की आपकी मृत्यु निकट है| क्योंकि कोई भी हो सभी को अपने मृत्यु के संकेत और पूर्वाभास होता है| कहा जाता है की परविज्ञान के मदद से हम जान सकते हैं की कब हमारी मृत्यु हो सकती है| हमारी मृत्यु के संकेत हमारे जन्म से संबंधित है जैसे सामान्य तौर पे हमे अपनी मृत्यु के संकेत नौ महीने पहले से होने लगते हैं लेकिन अगर कोई अपने माँ के गर्भ मे ७ महीने रहा हो तो उसे उसकी मृत्यु के संकेत ७ महीने पहले ही होने लगते हैं| हमारे शास्त्र मे मृत्यु पूर्वाभास के कई तरीके बताए गये हैं| इसलिए हम आपको मृत्यु पूर्वाभास के कुछ संकेत के बारे मे बताएँगे जो आपको आपके मृत्यु के संकेत को बताएगा |
आज हम आपको हनुमान जी के ऐसे मूर्ति स्वरूप के बारे मे बताएँगे जो नारियल को खुद ही दो भागों मे तोड़ देती है|
गुजरात के बोटाद शहर के नज़दीक सारंगपुर मे स्थित लोकप्रिय हनुमान मंदिर हैं जो खुद ही अपने आप मे अनूठा है| यहाँ पे भक्तों की हमेशा ही भीड़ उपस्थित रहती है| यहाँ पे कहा जाता है की हनुमान जी को नारियल चढ़ाने से भक्तों की सारी मनोकामनाएँ पूरी होती है| इस मूर्ति की खास विशेषता ये है की जब भक्त हनुमान जी को नारियल का भोग लगाने के लिए जब उनके मुख द्वार पे नारियल को रखते हैं तो नारियल दो भागों मे विभक्त हो जाता है खुद ही| नारियल का आधा भाग हनुमान जी की मूर्ति के हाथ द्वारा निकल जाता है और दूसरा हिस्सा भगवान को अर्पित हो जाता है|
आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे मे बताएँगे जहाँ मूर्ति से दूध जैसे पदार्थ निकल रहा है| जी हाँ ये घटना ग्वालियर के एक हनुमान मंदिर की है | इस हनुमान मंदिर मे हनुमान जी के प्रतिमा से दूध जैसा कोई तरल पदार्थ निकल रहा है|

