महामृत्युंजय मंत्र, एक ऐसा मंत्र है जिसके प्रभावों और शक्तियों की व्याख्या हमारे कई शास्त्रों और पुराणों में मिलता है। ये मंत्र भगवान शिव का सबसे प्रभावशाली मंत्र है। ये मंत्र इतना प्रभावशाली है की इस मंत्र के पाठ से मनुष्य की सारी बाधाओं और परेशानियों का नाश होता है। इस मंत्र का रोजाना रुद्राक्ष की माला से जप करने से होने वाले असमय मृत्यु भी दूर हो जाती है। आज हम जानेंगे इस महा मंत्र के प्रभावों के बारे में।

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रत्न की अंगूठी जिसका धारण हम ज्योतिषाचार्य के सलाह पर धारण करते हैं। ये रत्न कई तरह और कई नामों से जाने जाते हैं। कौन से रत्न किसे धारण करना चाहिए ये जातक की कुंडली को देखकर बताया जाता है। लेकिन कुछ लोग कछुए वाली अंगूठी भी पहनते हैं। लेकिन क्या हमें पता है इसे धारण करने के फायदे क्या हैं? आज हम जानेंगे की क्यों कछुए की अंगूठी धारण करना चाहिए तथा इसके फायदे क्या है?

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कई बार हमारे कुंडली में या तो कुछ ग्रह कमजोर होते हैं या अच्छी स्थिति में नहीं होते हैं। और हमें ये पता भी नहीं होता है। उसे जानने के लिए हमें अपनी कुंडली को दिखाना पड़ता है। वो भी तब जब हमें कई मुसीबतें का सामना करना पड़ता है। आज हम जानेंगे बिना कुंडली के किस प्रकार जानें हमारे कुंडली में कौन से ग्रह अशुभ स्थिति में है और उसके लिए क्या उपाय किये जायें।

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सौरमंडल में देवगुरु बृहस्पति ग्रह को सबसे मजबूत ग्रहों माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि ये ग्रह किसी भी जातक की कुंडली में अच्छे स्थिति में हो तो उस जातक के जीवन पर बहुत बड़ा प्रभाव होता है। यह ग्रह उस जातक को धन, सुख तथा सौभाग्य प्रदान करता है। बृहस्पति ग्रह ६ फरवरी २०१७ को वक्री हुआ था और अब वो ९ जून २०१७ को शाम के ७ बजकर २७ मिनट पे मार्गी हो रहा है। ये दिन ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन भी है, जो की एक बेहद ही शुभ और प्रभावशाली संयोग है। इसलिए आज हम जानेंगे किन राशियों के लिए ये कितना लाभकारी है।

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9 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा है। हमारे हिन्दू धर्म में ज्येष्ठ के महीने को काफी शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार यदि इस महीने में किये गए दान-पुण्य और पूजा-पाठ सभी का सर्वधिक महत्व है। इस महीने में यदि पवित्र नदियों में स्नान किया जाये तो बहुत लाभकारी सिद्ध होता है। इसीलिए इस महीने की पूर्णिमा भी बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन किये गए सारे उपाय देवी-देवताओं की कृपा प्रदान करते हैं। आज हम शुक्रवार अर्थात 9 जून के दिन क्या उपाय कर सकते हैं उसके बारे में जानेंगे।

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संध्या वंदन-  सूर्य तथा तारों से रहित दिन और रात की संधि को हमारे मुनियों ने संध्याकाल माना है। हमारे धर्म ग्रन्थ वेद, पुराण, रामायण,महाभारत, गीता और सभी ग्रंथों में संध्या वंदन की महिमा और महत्त्व का वर्णन किया गया है। इसके द्वारा हम प्रकृति तथा ईश्वर के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। जिससे हमारे अंदर सकारात्मकता का विकास होता है। इससे हमारी सभी मनोकामनाएं पूर्ति होती है और सभी प्रकार के रोग तथा शोक का नाश होता है।  आज हम संध्या वंदन के बारे में जानेंगे।

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हमारे शास्त्रों में कई सारे ऐसे उपाय बताये गए हैं जिनका प्रयोग करना सिर्फ हमारे स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि देवी-देवताओं के कृपा प्राप्त करने में मदद करता हैं।  आज हम भोजन करने से सम्बंधित कुछ पुरानी मान्यताओं के बारे में जानेंगे।

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दैवीय शक्ति अर्थात ऐसी शक्ति जो उस परमात्मा के पास है। जिसका सिर्फ हम अनुभव कर सकते हैं। इस शक्ति का अनुभव करने के दो तरीके हैं: ईश्वर में श्रद्धा तथा विश्वास। इन दो तरीकों से हम ईश्वर को प्राप्त कर सकते हैं। ईश्वर को प्राप्त करने का एक ही तरीका है वो है अध्यात्म। कई लोग ईश्वर के आशीर्वाद के साथ उनका सानिध्य भी पाना चाहते हैं, लेकिन ऐसे कम लोग होते है जिन्हें ईश्वर का सानिध्य प्राप्त होता है। आज हम कुछ ऐसे संकेतों के बारे में जानेंगे जिससे हम खुद समझ सकते हैं की दैवीय शक्ति हमारे साथ है।

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पेड़-पौधे हमारे जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। ये जिस प्रकार हम सभी के जीवन के लिए महत्वपूर्ण है उसी प्रकार इसे घर के लिए भी शुभ फलदाई माना जाता है। लेकिन यदि इन्हीं पौधे को हम सही दिशा और घर के सही हिस्से में नहीं लगाया जाए तो ये अशुभता प्रदान करता है। आज हम वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसे ही पेड़-पौधे के बारे में जानेंगे जो घर-परिवार के लिए शुभ और अशुभ है।

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आज के समय में हम सभी का जीवन आसानी से चलता रहे, इसके लिए हम सब कितने सारे प्लानिंग करते हैं। इसमे से कुछ बड़े प्लान करते हैं तो कुछ दिन के अनुसार। लेकिन ज्योतिष के अनुसार हम सब कितनी भी कोशिश कर ले हमारे स्वाभाव की एक चीज नहीं बदली जा सकती, वो है हमारा जीने का तरीका। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी बारह राशियों के लोगों का स्वाभाव अलग-अलग होता है। इसलिए आज हम मीन राशि से लेकर मेष राशि, प्रत्येक के जीवन के मकसद और लाइफ को जीने का नजरिया के बारे में जानेंगे।

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