जप माला, इसका प्रयोग जप करने के लिए जरुरी माना जाता है क्योंकि शास्त्रों के अनुसार यदि कोई जप बिना माला के किये जाये तो वो व्यर्थ होते हैं। आज हम शिव पुराण के अनुसार जानेंगे कितने दानों की माला जप करने के लिए उत्तम है और उसे किस ऊँगली से फेरनी चाहिए।

Continue reading →


तिरुपति बालाजी भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है। यह पवित्र स्थान आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है। इस मंदिर में प्रत्येक साल लाखों श्रद्धालु श्री तिरुपति बालाजी के दर्शन के लिए इस पवित्र स्थान पे आते हैं। आज हम तिरुपति बालाजी के मन्त्रों के बारे में जानेंगे और इस मंत्र से होने वाले फायदों के बारे में भी।

Continue reading →


कालाष्टमी जिसे हम काला अष्टमी के नाम से जाना जाता है। ये प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा की जाती है। आइये आज हम जाने इसकी शुरुआत कैसे हुई और किस प्रकार इस दिन व्रत किये जाते हैं।

Continue reading →


वास्तु शास्त्र जो हमें घर के निर्माण से लेकर उस घर में किस स्थान पे वास्तु को रखना शुभ और फायदेमंद होगा उसको बताता है। प्रत्येक घर में एक भाग मंदिर के लिए होता है। इसलिए मंदिर के निर्माण के समय भी कुछ नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक है। वास्तु के अनुसार आज जानेंगे किस दिशा में मंदिर की स्थापना करना चाहिए तथा किस दिशा में देवी-देवता की की मूर्ति होना शुभ फल प्रदान करने वाला होता है।

Continue reading →


ज्योतिष विद्या जिसके द्वारा किसी भी व्यक्ति के स्वभाव को समझने तथा उनके भविष्य के रहस्य को सुलझाने में प्रयोग होता है। मनुष्य के जन्म के समय और उस तिथि के द्वारा उसके कुंडली का निर्माण किया जाता है। हस्तरेखा के द्वारा भी किसी व्यक्ति के वर्तमान को समझा जा सकता है। ऐसे ही भारतके प्राचीन विद्याओं में एक और विद्या है समुद्र शास्त्र। आइये आज हम जानते हैं किस प्रकार व्यक्ति के शारीरिक बनावट, शरीर में स्थित चिन्ह या उसके हाव-भाव से उस व्यक्ति के भविष्य और उसका वर्तमान जान सकते हैं।

Continue reading →


जब भी हम घर का निर्माण करते हैं तब हम कई सारी चीजों को देखते और समझते हैं ताकि हमारा घर सबसे मजबूत और अच्छा हो। लेकिन शास्त्रों के अनुसार घर में उपयोग किये गए रंग भी हमारे घर के सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के लिए जिम्मेदार होते हैं। वैसे घर में रंगों का प्रयोग हम कई तरीकों से करते हैं। जैसे घर के दीवारों से लेकर पर्दों तक, घर में राखी गई वास्तु से लेकर फर्श का रंग भी वास्तु के अनुसार बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए आज हम घर में किस तरह के फर्श का उपयोग करें, आज जानेंगे।

Continue reading →


आज वैशाख माह की पूर्णिमा है। शास्त्रों में बताया गया है की प्रत्येक पूर्णिमा के दिन यदि किसी पवित्र नदी में स्नान किया जाए तो स्नान करने वाले को अक्षय पुण्य प्राप्त होता है एवं किये गए पापों का प्रभाव कम होता है। आइये आज हम जाने उन उपायों के बारे में जिसके द्वारा हम देवी-देवताओं के आशीष को प्राप्त कर सकते हैं।

Continue reading →


कल यानि की 10 मई को वैशाख माह की पूर्णिमा है। इस पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। मान्यता अनुसार भगवान बुद्ध (बौद्ध धर्म के संस्थापक)  का जन्म वैशाख माह में हुआ था। इसलिए इस पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है।

Continue reading →


10 मई को वैशाख महीने की पूर्णिमा है जिस दिन बुधादित्य योग का महासंयोग बन रहा है। ये दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसा योग 297 वर्षों के बाद आ रहा है। ये योग शास्त्रों के अनुसार बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि ऐसे संयोग बहुत ही दुर्लभ होते हैं। शास्त्रों के अनुसार इस दिन पुण्य स्नान, दान-पुण्य और लुक शुभ चीजों की खरीदी के लिए उत्तम है। आइये आज हम इस पूर्णिमा के बारे में जानते हैं।

Continue reading →


6 मई यानि शनिवार के दिन इस बार एकादशी है जिसे मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार एकादशी शनिवार होने के कारन इस दिन श्री हरी की उपासना के साथ-साथ यदि शनि के उपाय किये जाए तो उत्तम साबित हो सकता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस शनिवार किये गए उपायों से शनि के दोष कम होते हैं। आइये आज हम इसी उपायों के बारे में जानेंगे।

Continue reading →


जीवन में कभी न कभी कोई न कोई समस्या जरूर आती है। इस संसार में ऐसा कोई मनुष्य नहीं जो परेशानियों का शिकार न हुआ हो। इन समस्याओं को या तो कुछ लोग अपना भाग्य समझकर बैठ जाते हैं। लेकिन हमारे शास्त्रों में सभी समस्या का समाधान उपलब्ध है। चाहे हम इसे तत्न्त्रिक उपायों के द्वारा करें या वैदिक उपायों के द्वारा। आर्थिक तंगी से आज के समय में ज्यादा लोग परेशान हैं। धन प्राप्ति के लिए हम हर संभव उत्तम उपाय करते हैं। इसलिए आज हम धन का संचय और उसकी प्राप्ति के लिए कनकधारा स्त्रोत के पाठ के बारे में जानेंगे।

Continue reading →


हमने अपने पूर्वजों से सुना है की मनुष्य का नेचर कभी नहीं बदलता। उसकी प्रकृति उसके बारे में सबकुछ हमें बता देती है। लेकिन आज हम जानेंगे की किस प्रकार किसी के सिग्नेचर अर्थात हस्ताक्षर से उसके नेचर के बारे में जान सकते हैं।

Continue reading →