मेहनत करने के बाद भी सफलता न मिलने से सभी परेशान रहते है और अपने भाग्य को कोसते है| ये सब होता है आपकी कुंडली में मौजूद ग्रह-दोषो की वजह से जो हमारी सफलता के आड़े आते रहते है और बाधाये उत्पन्न करते है| यदि कुंडली में कोई ग्रह दोष हो तो कार्यों में सफलता नहीं मिल पाती है और धन की कमी का भी सामना करना पड़ता है। ज्योतिष के अनुसार शिवजी के उपायों से भी ग्रहों के दोष दूर किए जा सकते हैं।
कावड़ यात्रा मतलब शिव भक्तो की आस्था एवं मस्ती की यात्रा| यह यात्रा सावन के महीने में की जाती है क्योंकि सावन भगवान शिव की भक्ति का महीना है। इस महीने में विभिन्न माध्यमों से भगवान शंकर को प्रसन्न किया जाता है। सावन के महीने में भगवान शंकर के जलाभिषेक का भी विशेष महत्व है। जलाभिषेक से शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं।
श्रावण का महीना मतलब खुशियों, त्योहारों की शुरुआत एवं हिन्दू धर्म में शिव जी के व्रतों की शुरुआत | श्रावण मतलब सावन का महीना ऐसा होता है जिसमे शिव जी को आसानी से प्रशन्न किया जा सकता है| सावन के महीने में विशेष रूप से शिव जी की पूजा अर्चना की जाती है| कहा जाता है कि शिवजी को प्रसन्न करने के लिए सावन माह में उनका विशेष पूजन करना चाहिए| इस पूजा-अर्चना के दौरान आपको उनसे मनचाहा वरदान पाने के लिए कुछ खास चीजों को अर्पण करना चाहिए|
वर्तमान जगत में लोग सुबह से लेकर शाम तक मेहनत किये जा रहे है सिर्फ यह सोच कर की कुछ पैसे कमाए जाये ताकि परिवार का भरण पोषण हो सके तो कुछ लोग अमीर बनने और ढेर सारा पैसा कमाने की जद्दोजहद में दिन रात एक कर रहे है ताकि ऐशो आराम की जिंदगी जी सके| कुछ लोग मेहनत करके सफल हो रहे है तो कुछ लोग शॉर्टकट ढूढते रहते है पर ऐसा कोई शॉर्टकट है ही नहीं अगर आपको जीवन में सफल होना है पैसा प्राप्त करना है तो मेहनत करनी ही होगी|
आप सब लोग भली-भाँति यह बात जानते हैं कि प्रत्येक जातक की जन्म कुंडली में यहाँ कुछ शुभ योगों का निर्माण होता है तो वहीं कुछ अषुभ योगों का भी निर्माण होता है जो ग्रहों की चाल से समय-समय पर जातक को शुभ एवं अषुभ फल प्रदान करते हैं| शनि ग्रह धीमी गति, लंगड़ापन, आयु शूद्रत्व, सेवक, चाकरी, पुराने घर, खपरैल, बंधन, कारावास, जीर्ण-शीर्ण अवस्था आदि का कारक ग्रह है जबकि चंद्रमा माता, स्त्री, तरल पदार्थ, सुख, सुख के साथ, कोमलता, मोती, मान-सम्मान, यश आदि का कारकत्व रखता है। Continue reading →
विवाह की बात आते ही व्यक्ति अपने जीवनसाथी के बारे में स्वपन सजोने लगता है की वो कैसी होगी रंग रूप सौंदर्यता एवं उसके विचार परन्तु कई एस चीजे होती है जिन्हे अनदेखा कर दिया जाता है जिस वजह से विवाह पश्चात परेशानियां आती है| आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसी चीजे जिनसे आप एक अच्छी एवं भाग्यशाली जीवन संगनी को पहचान सकते है|
सोमवार को आने वाली अमावस्या के दिन किया गया एक छोटा सा उपाय आपके जीवन मे लाखो खुशिया ला सकता है । आप सबको पता है सोमवार को अमावस्या है । सोमवार को पड़ने वाली सोमवती अमावस्या का हिन्दु धरम मे बहुत महत्व है । जो इंसान अपने जीवन में , अपने काम-कारोबार, घर-परिवार, संतान, कर्ज़, बीमारी ,मानसिक , चिंता, क्लेश, से तंग है ।जो मेहनत करने के बाद भी सफल नही होते। वो इंसान ये छोटा सा उपाय करे ओर अपना जीवन सफल बनाए । Continue reading →
समय पर अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने की इच्छा के कारण माता-पिता व भावी वर-वधू भी चाहते है कि अनुकुल समय पर ही विवाह हो जायें| कुण्डली में विवाह विलम्ब से होने के योग होने पर विवाह की बात बार-बार प्रयास करने पर भी कहीं बनती नहीं है| इस प्रकार की स्थिति होने पर शीघ्र विवाह के उपाय करने हितकारी रहते है| उपाय करने से शीघ्र विवाह के मार्ग बनते है, तथा विवाह के मार्ग की बाधाएं दूर होती है|
जब दो लोग एक दूसरे के साथ अपना सम्पूर्ण जीवन व्यतीत करने का फैसला लेते है तब उनके बिच विवाह सम्बन्ध होता है परन्तु आज के मॉडर्न युग में हमने देखा है की बड़ी बड़ी सेलेब्रिटीज़ के अलावा साधरण लोगो का विवाह विच्छेद एक बहुत ही कॉमन बात हो गई है हर दिन एक नए तलाक या पति पत्नी के बिच की झगडे की खबर हम सुनते है| आखिर ग्रहों का ऐसा कौन सा योग होता है जो विवाह विच्चीद का कारण बनता है आइये जानते है हम Continue reading →
सभी ये जानना चाहते है की उनका भाग्योदय कब होगा और कैसे होगा? लोग हमेशा बस इसी प्रश्न से परेशान रहते है एवं हर एक पंडित से यह जानकारी चाहते है परन्तु ये जानना बहुत ही आसान है अब खुद अपनी कुंडली देख कर जन सकते है की आपका भाग्योदय कब होगा कब आपका अचे दिन शुरू होगे| हर व्यक्ति के जीवन का सार उसकी कुंडली में होता है एवं उसकी लग्न की कुंडली देख कर जाना जा सकता है की उसका भाग्योदय कब होगा|
पेट दर्द- उदर रोग विकार उत्पत्र करने में भी शनि एक महत्वपुर्ण भुमिका निभाता हैं। सूर्य एवं चन्द्र को बदहजमी का कारक मानते हैं, जब सूर्य या चंद्र पर शनि का प्रभाव हो, चंद्र व बृहस्पति को यकृत का कारक भी माना जाता है। इस पर शनि का प्रभाव यकृत को कमजोर एवं निष्क्रिय प्रभावी बनाता हैं। Continue reading →
लोग हमेशा परेशान रहते है की उन्होंने किसी का क्या बिगाड़ा है जो मेरा बुरा हो रहा है| अचानक घर में चोरी हो जाना, बिना कुछ किये बदनामी होना एवं हमेशा बिमारिओं से घिरा रहना| ये साडी चीजों होती है आपकी कुंडली के ग्रह कमजोर होने पर या उनकी बुरी छाया होने पर आइये जानते है की किस ग्रह के कमजोर होने पर आपकी कुंडली पर क्या असर होता है| Continue reading →

