क्यों धारण करना चाहिए रुद्राक्ष और तुलसी की माला, कैसे खुलेंगे भाग्य

हमने हमेशा लोगों को रुद्राक्ष, तुलसी जैसे दिव्य औषधि की माला पहनते हुए और उनसे मन्त्रों का जप करते हुए देखा है। हमें सिर्फ इतना पता है की हम सिर्फ इन माला का प्रयोग सिर्फ जप को करने के लिए करते हैं। लेकिन इससे पहनने से या धारण कर के रखने से हमें बहुत से फायदे होते हैं। आज हम इसे पहनने के वैज्ञानिक और धार्मिक कारण जानेंगे।

 

१) इन मालाओं को पहनने के पीछे वैज्ञानिक कारण ये है की मंत्र का जप करने में हम होंठ और जीभ का उपयोग करते हैं, जिससे हमारे गले की धमनियों को सामान्य से ज्यादा काम करना पड़ता है। इसके कारण हमें कंठमाला जैसे रोग होने की संभवनाएं होती है। और इन चीजों से बचाव के लिए हम गले में रुद्राक्ष व् तुलसी की माला को पहनते हैं। रुद्राक्ष की माला एक से लेकर चौदहमुखी रुद्राक्ष तक होती है।

 

रुद्राक्ष की माला

शास्त्र के अनुसार रुद्राक्ष की 26 दानों की माला को मस्तिष्क पे, 50 दानों  की गले में, 16 की बाँहों और 12 दानों की माला को मणिबंध में पहना जाता है। अगर हम 108 रुद्राक्ष की माला को धारण करते हैं तो इसे अश्वमेघ यज्ञ के इतना फल मिला है। शिव पुराण में कहा गया है की रुद्राक्ष की माला पहनने से मृत्यु पश्च्यात शिव लोक जाने को मिलता है। शिव पुराण में एक श्लोक है, जिसमे कहा गया है:

 

यथा च दृश्यते लोके रुद्राक्ष: फलद: शुभ:।

न तथा दृश्यन्ते अन्या च मालिका परमेश्वरि।।

अर्थ: इस पुरे ब्रह्माण्ड में रुद्राक्ष के जैसी कोई भी माला नहीं है।

 

श्रीमद् देवी भागवत में कहा गया है की:

रुद्राक्ष धारणच्च श्रेष्ठ न किचदपि विद्यते।

अर्थ: रुद्राक्ष को धारण करने से बढ़कर कोई चीज नहीं है। कहा गया है की इसे धारण करने से मनुष्य की आध्यात्मिक उन्नत्ति होती है। उसके पास व्याप्त सरे सांसारिक बढ़ाएं और दुख दूर चले जाते हैं। हमारे अंतर आत्मा में शक्ति का संसार होता है, जो हमें बुरे चीजों से बचाता है। शारीरिक स्वास्थ्य ठीक होता है। बुरी शक्तियां हमेशा दूर रहती है। इतने सारे लाभ होने के कारण ही ये हमारे भारत में श्रद्धावान वस्तु में माना जाता है।

 

तुलसी की माला

तुलसी को हिन्दू शास्त्र के अनुसार बहुत पवित्र माना जाता है। इसे आयुर्वेद औषधि बनाने में भी प्रयोग किया जाता है। इसमे विधुत शक्ति होती है, जो पहनने वालों में आकर्षण शक्ति का उत्त्पन्न करती है।

शास्त्र अनुसार इसे पहनने से यश, कीर्ति और समृद्धि बढ़ती है। इसमे औषधि गुणहोने के कारण पहनने वालों में सिरदर्द, जुखाम, बुखार, त्वचा संबंधी रोग में फायदा पहुँचाता है। माना जाता है की इसे धारण करने वालों की कभी भी आकाल मृत्यु या कोई हानिकारक बीमारी नहीं होती है। शालग्राम पुराण के अनुसार अगर हम तुलसी की माला को भोजन ग्रहण करते समय अपने शरीर पे हो तो इससे हमें कई यज्ञ का पुण्य मिलता है। और इसे पहन कर स्नान करने से सभी नदियों में स्नान करने इतना पुण्य मिलता है।

 

ये समस्त जानकारियां शास्त्रों के अनुसार है परंतु इनको अपनाने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है |

अगर आप जानकारी चाहते है तो संपर्क करे हमारे विशेषज्ञ पंडित जी से |  अगर किसी भी तरह की परेशानी है, जिस से आप मुक्ति चाहते है,या आपके जीवन, कुंडली से सम्बंधित जानकारी चाहते है, तो सलाह ले हमारे जाने माने ज्योतिषीय सलाहकारों से कॉल करे (Call Us+91 9009444403 या हमे व्हाट्सएप्प (Whatsapp) पर सन्देश (Message) भेजे एवं जानकारी प्राप्त करे |

नोट:-  सलाह शुल्क सिर्फ ५०० रुपये| (Consultancy Fee Rs 500)