मांगलिक दोष से घबराएं नहीं, ऐसे करे दोष का उपाय

व्यक्ति परेशान हो जाते है कि मांगलिक दोष की वजह से कन्या अथवा पुत्र के विवाह मे बाधा आती है | इससे घबराना नही चाहिए और किसी ज्योतिष से संपर्क करके इसके उपाय निकाल सकते है …

क्या होता है मांगलिक दोष  मांगलिक शब्द आधुनिक जीवन मे एक ऐसा शब्द बन गया है कि लोग इसका नाम सुनकर ही डर जाते है। अनेक शादी का रिश्ता करने के पूर्व वर-वधु की कुंडली मिलान किया जाता है जिसमे मांगलिक दोष भी एक प्रमुख बिंदु होता है, शादी तय होने में. ज्योतिष के अनुसार यदि मंगल ग्रह जन्मकुंडली के प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश घर में स्थित हो तो जातक की जन्म कुंडली में मांगलिक दोष होता है |

मांगलिक दोष के बारे में कुछ बातें मंगल को क्रूर ग्रह माना गया है | अगर कुंडली में निम्नानुसार मंगल हो तो इसकी भविष्वाणी बहुत सोच-विचार से करना चाहिए | ये है वो बातें-
. मंगल चार राशि १ -४ -७ -१० (प्रथम, चतुर्थ, सप्तम और दशम) मे हो।
. मंगल, कर्क या मकर राशि का कही पर भी बैठा हो।
. मेष , सिहं, वृष्चिक, कर्क व मकर लग्न वालों को मांगलिक दोष नहीं लगता है।
. वक्री नीच अस्त व शत्रु क्षेत्र मंगल हो।
. कन्या की कुण्डली मे जहाॅ मंगल हो उसेी स्थान पर वर की कुण्डली मे कोई पाप ग्रह बैठा हो।
. सप्तम भाव बली हों
बृहस्पति सप्तमस्य हों।
. यदि वर और कन्या को ३२ से ३५ गुण मिलते हों।
. मंगल सूर्य के साथ अस्त हो।
१०. राहु छठै भाव मे हो।
११. मंगल और राहु की युति हो।
१२. शनि मंगल एक साथ हो।

मांगलिक दोष के प्रभाव मांगलिक होने पर मंगल के प्रभाव उसके स्थान, डिग्री, अन्य ग्रहों से युक्ति, राशि आदि के अनुसार होते है, ये है कुछ निम्नलिखित प्रभाव :-
. मांगलिक दोष शादी विवाह में रोड़ा पैदा कर सकता है जैसे की शादी तय न होना
. रिश्ता तय होने के बावजूद टूट जाना
. ज्यादा लंबी आयु के पश्चात् भी शादी नहीं होना
. शादी के बाद पति-पत्नी में हमेशा लड़ाई-झगडे होना
. घर-परिवार का सुख न मिलना
. चरित्र हीन होना
. पति पत्नी में बढ़ते वैर की वजह से फिर तलाक होने का डर
. धन की कमी, व्यापार  में घाटा होना, दुर्घटना होना आदि
. कोई भयानक बीमारी होना
१०. संतान न होना |

 

मांगलिक दोष के उपाय– 

. रोज मंगल यंत्र की पूजा करें और उसके सम्मुख हनुमान चालीसा का पाठ करें।

. मुंगे के हनुमान जी मूर्ति लाकर उसके सम्मुख मंगल स्तोत्र का पाठ करें।
. स्त्रियाॅ पार्वती मंगला स्तोत्र का पाठ करें।
. स्त्रियाॅ १६ सेामवार के व्रत रखें और इसकें बाद भी प्रत्येक सेामवार भगवान शिव के मंदिर मे शिवलिंग पर कच्चा दूध चढाकर शिव पंचाक्षर स्तोत्र का पाठ करें।
. लाल असान पर तुलसी के सम्मूख बैठकर हनुमान चालीसा पढे और शाम को घी का दीपक करें।
. मंगलवार को लाल वस्त्र पहनकर हनुमान मंदिर में जाएॅ और पान चढाएॅ।
. रोज हनुमान मंदिर जाकर हनुमान जी के चरणेां का सिंदूर माथे पर लगाएॅ।
. रोज ’’श्री राम जय राम जय जय राम’’ की 1 माला जाप करे क्येाकि जो राम का नाम लेगा, उसको हनुमान स्वतः ही प्राप्त हो जाएगे और हनुमान जी के रहते मंगल दोष का कुछ प्रभाव नहीं पडेगा।
. बहते हुूए पानी मे रेवडियाॅ बहाएॅ।
१०. भगवान सूर्य को जिस जल से अघ्र्य दे उसमे थोडा शहद मिला लें और फिर ’’ ओम् सुर्य देवाय कश्ट निवारकाय नमो नमः’’ का जाप कर जल चढाएॅ

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