जानिए क्यों इस रहस्यमयी मंदिर में रात में रुकने पर इन्सान बन जाता है पत्थर

Kiradu-Temple-Rajasthan

राजस्थान का रहस्यों की दुनिया से गहरा रिस्ता है। अगर आप राजस्थान के बाड़मेर के किराडू मंदिर में जायेंगे तो यहाँ की खूबसूरती को देखकर ही हैरान रह जायेंगे। इसे राजस्थान का खजुराहो कहा जाता है। इस मंदिर में जिस तरह से पत्थर की नक्काशी की गयी है वह अपने आप में ही हैरान कर देने वाली है।

राजस्थान की धरती में कई राज़ दफन हैं। आपने भानगढ़ का किला अपने भूतहा रहस्यों के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। यहां भानगढ़ के बाद यदि किसी चीज़ से लोगों को डर लगता है तो वह है किराड़ू मंदिर। वैसे यहाँ आने वाले लोग बताते हैं कि मंदिर एक तरफ चमत्कारी भी है तो दूसरी तरफ यह श्रापित भी है। कहते हैं कि दिन ढ़लने के बाद जो भी इस स्थान पर रूकता है वो पत्थर बन जाता है या उसकी मौत हो जाती है। स्थानीय लोगों के बीच खजुराहो मंदिर के नाम से प्रसिद्ध यह मंदिर प्रेमियों को विशेष आकर्षित करता है लेकिन शाम ढ़लने के बाद यहां रूकने की आज तक किसी की भी हिम्मत नहीं हो पाई है।

 

किराडू मंदिर चमत्कारी इसलिए है क्योकि यहाँ जाने से आपकी हर मुराद पूरी हो जाती है तो वहीं अगर कोई व्यक्ति यहाँ रात के समय जाता है तो वह पत्थर का बन जाता है। वैसे किराडू मंदिर कुछ 900 साल पुराना बताया जाता है। मंदिर की खास बात यह है कि वह दक्षिण भारतीय शैली में बना है। आप अगर इस मंदिर में जाना चाहते हैं तो आपको बाड़मेर से 43 किलोमीटर दूर हात्मा गांव तक जाना होगा।

 

आसपास के लोगों के अनुसार यह मंदिर श्रापित है इसलिए ऐसा होता है। कहा जाता है कि 1161 ईसा पूर्व इस स्थान का नाम ‘किराट कूप’ था। मंदिर में कुछ दिनों के लिए एक साधू अपने कुछ शिष्यों के साथ रहने आये थे। कुछ दिन आराम करने के बाद गाँव वालों को कुछ दिन उसके शिष्यों का ख्याल रखने के लिए बोलकर साधू भ्रमण के लिए निकल गए। देखभाल के अभाव में उनके शिष्य बीमार पड़ गये थे। जब वह शिष्य बीमार पड़े तो किसी ने भी उनकी सेवा नहीं की और अंत में एक कुम्हार औरत ने उन लोगों की सेवा कर सबकी जान बचाई।

 

जब साधू भ्रमण से लौटकर आये तो शिष्यों से उनकी हालत का कारण पूछा। जब साधू को यह सब पता चला तो उन्हें काफी क्रोध आया। उन्होंने तब सारे गॉव को पत्थर बन जाने का श्राप दे दिया और साथ ही साथ मंदिर को भी श्राप दिया कि जो भी यहाँ रात के समय रुकेगा वह भी पत्थर का बन जाया करेगा। लेकिन साधू ने उस औरत को बचने का आशीर्वाद दिया। उस औरत को बोला गया था कि वह गाँव से चली जाये और कभी भी पीछे मुड़कर ना देखे। लेकिन उस औरत ने पीछे मुड़कर देखा इसके चलते वह भी पत्थर की बन गयी। वहाँ आज भी पास के गाँव में उस औरत की मूर्ति है और लोग उसे पूजते भी हैं।

 

इस मंदिर का निर्माण किसने कराया, इसके बारे में कोई पुख्ता जानकारी उपलब्ध नहीं है।

 

ये समस्त जानकारी स्थानीय लोक कथाओ एवं इतिहास पर आधारित है| इस कथाओ को बता के अंधविस्वास फैलाने का हमारा कोई इरादा नहीं है ये सिर्फ लोक कथाये है|

अगर आप जानकारी चाहते है तो संपर्क करे हमारे विशेषज्ञ पंडित जी से एवं अगर किसी भी तरह की परेशानी है जिस से आप मुक्ति चाहते है या आपके जीवन, कुंडली से सम्बंधित जानकारी चाहते है तो सलाह ले हमारे जाने माने ज्योतिषीय सलाहकारों से कॉल करे (Call Us) +91 9009444403 या हमे व्हाट्सएप्प (Whatsapp) पर सन्देश (Message) भेजे एवं जानकारी प्राप्त करे वो भी निःशुल्क|

नोट:- मुफ्त सलाह (Free Consultancy) समाधान का समय दोपहर १२:०० से २:०० बजे तक |