नारद पुराण के अनुसार जाने किन चीजों के स्पर्श करने से बढ़ते हैं दुर्भाग्य

हमारे हिन्दू शास्त्रों में कई पुराण हैं जैसे गरुड़ पुराण, विष्णु पुराण, शिव पुराण, नारद पुराण इत्यादि। आज हम नारद पुराण में उल्लेखित ऐसे ही कुछ चीजों के बारे में जानेंगे। आज हम जानेंगे नारद पुराण में उल्लेखित उन चीजों के बारे में जिन्हें स्पर्श करने से हमारे ऊपर दुर्भाग्य हावी हो जाते हैं।

विश्व में सभी लोग ऐसा व्यक्ति बनना चाहते हैं जिसके पास धन की कमी न हो और वो एक पूर्ण रूप से सफल व्यक्ति हो। सारे लोग इसी सफलता को पाने के लिए पुरे जीवन संघर्ष करते रहते हैं। लेकिन पुरे मेहनत के बाद भी उन्हें सपलता नहीं मिलती तो वो निराश हो जाते है। लेकिन क्या हमें ये पता है की सफलता पाने के लिए जितना मेहनत की जरूरत है उतना ही हमारी किस्मत की भी जरुरत है। शास्त्रों के अनुसार मेहनत का फल हमें हमेशा मिलता है लेकिन हम उस सफलता पाने के लिए उस मेहनत करने के साथ-साथ कुछ गलतियां भी करते हैं, जिसके बारे में हमें पता भी नहीं होता है और वो हमें नुकसान पहुँचाते रहती है।

 

१) अंतिम संस्कार:

जब भी हम किसी के अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं तो ध्यान रहें उस जगह उपस्थित किसी भी अपवित्र या अशुभ चीजों को न छुएं, जैसे की मृत व्यक्ति की हड्डी या उससे से जुड़ी कोई भी चीजें, क्योंकि ऐसे चीजों को चुने से नकारात्मक ऊर्जा हमारे ऊपर हावी हो जाती है।

 

२) भोजन:

भोजन को कभी भी जमीन पर नहीं गिराना चाहिए और यदि वो जमीन पे गिरा हो तो ध्यान रहे कभी भी उसपे पैर न रखें। उसे हटाके डस्टबिन या पानी में बहा दें।

 

३) कुत्ता:

यदि आप किसी शुभ कार्य में जा रहे हो तो ध्यान रहे कभी भी कोई कुत्ता आपको न छू पाए यदि ऐसा होता है तो ये अशुभ संकेत होते हैं। नारद पुराण के अनुसार यह आपके जीवन में आने वाले निर्धनता और दरिद्रता को सूचित करता है।

 

४) गन्दी झाड़ू:

घर को साफ करते वक्त हमने देखा होगा की घर में माँ हमेशा बोलती है झाड़ू को पैर न लगाओ। क्योंकि गन्दी झाड़ू को स्पर्श करना अशुभ माना गया है।

 

५) दाह संस्कार:

दाह संस्कार से निकलने वाले धुओं से दूर रहना चाहिए। उसका स्पर्श होना अच्छा संयोग नहीं माना जाता है। यह दुर्भाग्य को उत्पन्न करता है। दाह संस्कार में उपयोग की जाने वाली लकड़ियों को छूना अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसा करने से नकारात्मक शक्तियां खुद ही आपके तरफ आकर्षित हो जाती है।

 

पवित्र जल:

यदि गलती से किसी का शव स्पर्श कर लेते है तो ध्यान रहे की तुरंत अपने ऊपर पवित्र जल गंगा का छिड़काव करें। ऐसा करने से आने वाले सारे दुर्भाग्य ख़त्म हो जाते हैं। इसलिए हमारे शास्त्रों में अंतिम संस्कार से आने के बाद नहाया जाता है।

 

 

ये समस्त जानकारियां नारद पुराण के अनुसार है|

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