रूसी वैज्ञानिक ब्लादिमीर देस्यातोय का कहना है कि पृथ्वी पर समय-समय पर आने वाले चुंबकीय प्रभाव से मनुष्य की मस्तिष्कीय तरंगों में परिवर्तन होता है। आधुनिक मस्तिष्क विज्ञानी भी मानने लगे हैं कि मस्तिष्कीय क्रिया क्षमता का मूलभूत स्रोत अल्फा तरंगें धरती के चुंबकीय क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं और भू-चुम्बकत्व का सीधा संबंध आकाशीय पिण्डों से है।
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यमलोक जाते समय इन भयानक गांवों से गुजरना होता है

धरती पर आपने कई शहर एवं गांव देखे होंगे। लेकिन धरती से अलग भी एक दुनिया हैं जहां इस दुनिया को छोड़ने के बाद मनुष्य को जाना पड़ता है। इस दुनिया में व्यक्ति खुद नहीं जाता बल्कि यम के दो भयानक दूत लेकर जाते हैं। जितने भयानक यम के दूत होते हैं उससे भी भयानक और खतरनाक हैं यहां के गांव।

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हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं का विशेष महत्व है। इसमे सम्मलित लक्षण जैसे क्रास, सितारे, वर्गों और अर्धचन्द्राकार का अध्ययन हथेली द्वारा किया जाता है। यह रेखाएं व्यक्ति का भविष्य, शुभ संकेत और अशुभ संकेत दर्शाती हैं। इन संकेतो का निर्माण व्यक्ति के विचार और कर्मों पर भी निर्भर होता है। यह रेखाएं अपने नाम के अनुसार परिणाम देती हैं। हस्तरेखाविद् द्वारा हस्तरेखाएं जो विश्व भर मे प्रचलित है उनका विवरण नीचे किया जा रहा है

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